दुमका, जुलाई 8 -- दुमका, प्रतिनिधि। लंबी लड़ाई के बाद 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य बना, पर जिस वृहत झारखंड राज्य का सपना आंदोलनकारियों ने देखा था,वह पूरा नहीं हो पाया। उक्त बातें झारखंड पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा ने सोमवार को परिसदन में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि झारखंड की वर्तमान भौगोलिक सीमा संतोषप्रद नहीं है। उन्होंने कहा कि वृहत झारखंड राज्य के लिए दोवारा आंदोलन करने की जरुरत है। आंदोलन के लिए रणनीति बनाने में जुट गए है। कहा कि झारखंड को अलग राज्य बनाने के लिए आंदोलन हुआ, लेकिन अलग झारखंड राज्य का मतलब सिर्फ बिहार से अलग होना नहीं, बल्कि वृहत झारखंड राज्य की मांग थी, जिसमें बिहार, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा और वर्तमान छत्तीसगढ़ के झारखंडी सांस्कृतिक पहचान वाले जिलों को मिलाकर वृहत झारखंड राज्य की मांग ...
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