नई दिल्ली, फरवरी 18 -- वृंदावन वह पावन धरा जहां हर कण में श्रीकृष्ण की लीला बसी है। यहां की गलियों में राधा-कृष्ण की प्रेमधुन गूंजती है और वही वृंदावन में एक ऐसा प्राचीन शिव मंदिर है, जहां महादेव स्वयं गोपी रूप में विराजमान हैं। गोपेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध यह स्थान भक्ति, प्रेम और समर्पण का अनुपम प्रतीक है। यहां शिवलिंग पर सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, फूलों की माला से गोपियों की तरह शृंगार किया जाता है। आइए जानते हैं इस मंदिर की दिव्य कथा और महत्व।गोपेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास गोपेश्वर महादेव मंदिर यमुना तट पर वंशी वट के निकट स्थित है। यह वृंदावन के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। कथा के अनुसार, इस शिवलिंग की स्थापना भगवान कृष्ण के वंशज व्रजनाभ ने की थी। मंदिर का नाम 'गोपेश्वर' इसलिए पड़ा, क्योंकि यहां महादेव गोपी भाव में पू...