इटावा औरैया, नवम्बर 10 -- जसवंतनगर,। संवाददाता। नगला रामसुन्दर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन कथा वाचक पंडित सागर दास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, वृंदावन की महिमा, कंस वध और रुक्मिणी विवाह जैसे अद्भुत प्रसंगों का दिव्य वर्णन सुनाया। कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, और वातावरण "राधे-कृष्ण" के जयकारों से गूंज उठा। पंडित सागर दास जी ने कहा कि वृंदावन वह पवित्र भूमि है जहां स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने रास रचाकर प्रेम, भक्ति और आत्मसमर्पण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि वृंदावन केवल एक स्थान नहीं बल्कि एक दिव्य भावना है, जहां हर वृक्ष, हर कण में श्रीकृष्ण का वास है। वहां की मिट्टी में प्रेम का अमृत समाया हुआ है। कथा वाचक ने आगे भगवान श्रीकृष्ण के वृंदावन से मथुरा गमन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि किस प्...