मुजफ्फर नगर, जनवरी 21 -- शुकतीर्थ। स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि आत्म कल्याण के जितने साधन है, उनमें श्रीमद् भागवत सरल, सर्वोत्तम, सुविधाजनक तथा सबसे ज्यादा फलदायी है। भागवत पारमार्थिक अनुभव का सागर है। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ के भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम स्थित प्रत्यक्षानंद भागवत भवन में पुणे, महाराष्ट्र के भक्तों के द्वारा आयोजित भागवत कथा का पीठाधीस्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। उन्होंने व्यासपीठ नागपुर से पधारे कथाव्यास आचार्य मोहन कुबेर को सम्मानित कर महाराष्ट्र के विद्वान सन्त स्वामी कृष्णानंद द्वारा भागवत के दशम स्कंध में भगवान श्री कृष्ण और उद्धव के संवाद पर आधारित ग्रंथ शुक उवाच का विमोचन भी किया। स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि महाराष्ट्र तपस्वी सन्त महात्माओं, भक्तों और वीरों का प्रांत है। उन्होंने कह...
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