लखीमपुरखीरी, दिसम्बर 27 -- वीर बाल दिवस पर अद्वितीय साहस, बलिदान और अटूट आस्था के प्रतीक गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। उनके त्याग और वीरता ने न केवल अपने समय में बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सत्य, धर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। शहर के जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अल्पायु में ही साहिबजादों ने अत्याचार के सामने झुकने के बजाय अपने प्राणों का बलिदान देकर अदम्य साहस और विश्वास की मिसाल पेश की। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है और देशवासियों के हृदय में सदैव जीवित रहेगा। वीर बाल दिवस पर उपस्थित लोगों ने साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए उनके बताए मूल्यों साहस, सत्य और धर्म की रक्षा को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया...
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