लखनऊ, मार्च 3 -- लखनऊ। विशेष संवाददाता। विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी व पिछड़ा- दलित -अल्पसंख्यक (पीडीए) के साथ भेदभाव का मामला विधानसभा में गूंजा। विपक्ष ने सरकार पर एक ही जाति के कुलपतियों की नियुक्ति करने का आरोप लगाया। सरकार ने इससे इंकार किया तो इससे असंतुष्ट होकर समाजवादी पार्टी सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया। सदन में सोमवार को सपा के संग्राम सिंह यादव ने कार्य स्थगन प्रस्ताव के जरिए कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय समेत तमाम विश्वविद्यालयों में नियमों को ताक पर रख नियुक्तियां की जा रही हैं। पीडीए समाज की उपेक्षा हो रही है। यूपी के 22 विश्वविद्यालयों में एक खास वर्ग के कुलपति नियुक्त किए गए हैं। एक ही व्यक्ति को बार कुलपति बनाया जा रहा है। असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियों में गड़बड़ी जा रही है। सपा के ही डॉ. आर के वर...
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