रामगढ़, जनवरी 22 -- पतरातू, निज प्रतिनिधि। झारखंड सरकार की ओर से विस्थापन आयोग के गठन की घोषणा पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। सरकार के स्पष्ट नीति नहीं होने के चलते आज एनटीपीसी और पीवीयूएनएल कई प्रकार का षड़यंत्र रचते हुए ईस्ट इंडिया कंपनी की नीतियों पर चल रही है। उक्त बातें गुरुवार को विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने प्रेस बयान जारी कर कही। आज पूरे झारखंड में विभिन्न परियोजनाओं के विस्थापित-प्रभावितों की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है। आगे कहा कि आज एनटीपीसी प्रबंधन कई प्रकार का षडयंत्र रचते हुए ईस्ट इंडिया कम्पनी की नीतियों के तहत बड़कागांव, केरेडारी और पतरातू में रैयतों के ऊपर पूरा शोषण कर रहा है। रैयत त्राहिमाम कर रहे हैं। अभी वर्तमान में गोंदलपुरा, केरेडारी, चट्टी बारियातू में रैयत अपनी जमीन और अस्तित्व को बचाने के लिए लगाता...