गया, जुलाई 19 -- आराधना और उपासना का महीना चातुर्मास 6 जुलाई से शुरू है। हरिशयनी एकादशी से शुरू हुआ चातुर्मास प्रबोधिनी एकादशी (1 नवंबर) को खत्म होगा। गया जी में विष्णुपद मंदिर होने के कारण चातुर्मास का विशेष महत्व है। इसी वजह से चातुर्मास में श्री विष्णुचरण की विशेष आराधना के साथ भगवान श्री हरि विष्णु का भोग भी बदल गया है। आषाढ़ एकादशी यानी हरिशयनी एकादशी से नारायण के भोग में बदलाव आ गया है। चतुर्मास के अलग-अलग महीनों में कुछ विशेष प्रकार की खाद्य पदार्थ का भोग नहीं लगेगा। सदियों से चली आ रही परंपरा का इस बार भी पालन किया जा रहा है। हर माह के लिए अलग-अलग भोग श्री विष्णुपद के पुजारी व भोग लगाने वाले मोहना आचार्य ने बताया कि सामान्य दिनों में चावल, सब्जी, पकौड़ा, सुजी का हलवा, खीर, कालाजामुन, दही, मिष्ठान आदि के भोग लगते हैं। लेकिन, चल रहे च...
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