शामली, अप्रैल 29 -- थानाभवन चौधरनपट्टी में सुन्दर काण्ड पाठ में प्रवचन करते हुए दिव्य योगी राज राजेश्वर महाराज ने कहा कि "जननी जन्मभूमि" एक वाक्यांश है जिसका अर्थ है माँ और मातृभूमि जननी यह शब्द "माँ" को दर्शाता है, जो एक माता के रूप में अपने बच्चे की देखभाल और प्रेम का प्रतीक है। जन्मभूमि यह शब्द "जन्मस्थान" या "मातृभूमि" को दर्शाता है, जो वह जगह है जहाँ किसी व्यक्ति का जन्म हुआ होता है। माँ और जन्मभूमि दोनों स्वर्ग से भी महान हैं। हमें अपनी माँ और अपने देश के प्रति सम्मान, समर्पणऔर प्रेम की भावना जगाता है। हमें अपने देश धर्म के लिए सदैव सजग रहना चाहिए।वीर हकीकत राय ने अपने धर्म के लिए प्राण दे दिए लेकिन अपने धर्म को झुकने नहीं दिया। महाराज श्री ने कहा कि हनुमान ने आत्म सुरक्षा हेतु युद्ध भी किया और लंका को जला कर रावण को राम के शूरवीरता...
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