प्रयागराज, जनवरी 19 -- माघ मेला के शिविर में पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने जन संवाद के दौरान सोमवार को कहा कि विश्व में भारत आस्था और अध्यात्म का केंद्र माना जाता है। भारत की मेधा शक्तियों का विश्व आज भी लोहा मानता है। वैश्विक स्तर की बड़ी कंपनियों में भारत के कई सीईओ इसके उदाहरण हैं। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि विकसित राष्ट्र का सपना साकार करने के लिए राजनेताओं को सत्ता के मोह से दूर रहना चाहिए। मंत्रिमंडल में तुष्टिकरण की राजनीति छोड़ कर विषय विशेषज्ञों को शामिल किया जाए तो परिणाम अच्छे आएंगे। वो मंत्रिमंडल सनातन सिद्धांत की राह पर चले तो भारत पुनः विश्वगुरु बन सकता है। गोरक्षा से जुड़े प्रश्न पर शंकराचार्य ने कहा गो संरक्षण के लिए देश के प्रत्येक राज्य के हर जिले में गोचर भूमि आरक्षित होनी चाहिए। गौ पालकों ...
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