औरंगाबाद, दिसम्बर 5 -- विश्व मृदा दिवस के अवसर पर प्रखंड कृषि कार्यालय में बीएओ अनिल कुमार की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ शहर थीम पर किसानों को मृदा संरक्षण और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मिट्टी जीवन का आधार है। भोजन, पर्यावरण और सभी जीवों के अस्तित्व का मूल तत्व मिट्टी ही है, लेकिन शहरीकरण, औद्योगिकरण और रसायनों के अत्यधिक उपयोग से इसकी उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कार्यक्रम में बताया गया कि बेहतर उत्पादन के लिए मृदा परीक्षण अत्यंत आवश्यक है। संतुलित उर्वरक के उपयोग, वर्मी कंपोस्ट, हरी खाद, जल-संचय तकनीक और फसल चक्र जैसे वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने से मिट्टी की संरचना और उत्पादकता दोनों में सुधार होता है। किसानों से आग्रह किया गया ...
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