बिजनौर, मार्च 4 -- मानसिक रोग पागलपन नहीं इसका निदान संभव है। झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़े मरीज यह विचार डॉ. नितिन राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत व्यक्त कर रहे थे। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन ने बताया कि जिसकों भी मनोरोग की समस्या है वह झोलाछाप डॉक्टर और नीम हकीम ओर झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर डिजीज 65 साल से ऊपर के व्यक्तियों में देखने को मिलती है जिनमें याददास्त कमजोर पड़ जाती है। इसके इलाज के लिए कोई दवा फिलहाल मौजूद नहीं है। उन्होंने सलहा दी कि लोग चिकित्सक के संपर्क में रहकर नियमित इलाज ओर जांच करवाएं ताकि बीमारी और न बढ़ पाए।नींद न आना या देर से आना, चिंता घबराहट, तनाव आदि रहना, काम में मन न लगना और आत्महत्या का विचार आना आदि मनोरोग के लक्षण हो सकते हैं। अगर ऐसा है तो तत्काल मनोरोग चिकित्सक...
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