फरीदाबाद, नवम्बर 11 -- -इनमें बुजुर्गों और बच्चों की संख्या अधिक होती है --- फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता।ठंड ने दस्तक दे दी है और इस मौसम में निमोनिया के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने लगती है। निमाेनिया बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के कारण होता है। ठंड का मौसम इसके लिए उपायुक्त होता है। इससे सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित होते हैं। इसके अलावा प्रदूषण भी निमोनिया के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी करता है। ठंड के दिनों में अकेले बीके अस्पताल की ओपीडी में एक दिन में 70 से 80 निमोनिया के लक्षण लेकर पहुंचते हैं। चिकित्सकों के अनुसार वायु प्रदूषण (घर के अंदर और बाहर दोनों) प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करके, फेफड़ों में सूजन पैदा करके और श्वसन मार्ग की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाकर निमोनिया और अन्य श्वसन संक्रमणों के जोखिम को बढ़ा...