गाज़ियाबाद, नवम्बर 11 -- गाज़ियाबाद। सर्दी और प्रदूषण के बढ़ते असर से अस्पतालों में बच्चों को सांस लेने और पसली चलने की समस्या बढ़ रही है। एमएमजी अस्पताल और संयुक्त अस्पताल में रोजाना 50 से ज्यदा मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। वहीं, हर सप्ताह करीब 40 बच्चे निमोनिया की शिकायत के साथ भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों को निमोनिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। फैमिली फिजिशियन ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ. रमन कुमार बताते है कि विश्व भर में पांच वर्ष तक के बच्चों की मृत्यु का बड़ा कारण निमोनिया है। आमतौर पर फेफड़ों में मौजूद एक छोटी थैली अल्वियोली में सांस लेने के दौरान हवा भर जाती है। इस थैली में मवाद और द्रव भर जाने से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। निमोनिया खांसने और छींकने से एक-दूसरे में फैलता है। वैसे तो यह किसी ...