बागपत, अक्टूबर 15 -- बड़ौत। मिलावटखोरों ने खाद्य पदार्थो में कई तरह से मिलावट का जहर घोल रखा है, इस बात का अंदाजा इस बात से हो लगाया जा सकता है कि पिछले 5 सालों में फेल होने वाले नमूनों की संख्या 30 फीसदी बढ़ी हैं। मिलावटखोरों ने किस कदर अपना साम्राज्य स्थापित किया हुआ है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग इनके खिलाफ कोई अभियान चलाकर खाद्य वस्तुओं के नमूने लेता हैं, उनमें से 90 प्रतिशत या इससे अधिक नमूने जांच में फेल साबित होते हैं। मंचूरियन, फ्रेंच फ्राई, टोमेटो सॉस, शेजवान चटनी में खतरनाक रंग, चिली सॉस में साधारण चटनी, मक्खन में सादा दूध की क्रीम, घिसने में रिफाइंड और वनस्पपति, साधारण खोया और दूध। पूरा बाजार ऐसे खाद्य पदार्थों से भरा पड़ा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशास...
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