कुशीनगर, जनवरी 4 -- कुशीनगर। स्वामी विवेकानन्द ने अंधविश्वास और रूढ़ियों में जकड़े समाज को तार्किकता, विज्ञानशीलता और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत नई दिशा प्रदान की। वह कर्मयोग के समर्थक, महान योगी तथा संस्कृति-साहित्य के अद्वितीय साधक थे। उन्हें भारत ही नहीं, विश्व की महान विभूतियों में गिना जाता है। ये बातें तमकुहीराज के पूर्व विधायक नंदकिशोर मिश्र ने कही। वह आगामी 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के तरया लच्छीराम में स्थित परमहंस धाम में जीवन ज्योति जागृति मिशन के तत्वावधान में आयोजित होने वाले जयंती उत्सव की तैयारी बैठक को संबोधित कर रहे थे। तमकुहीराज कस्बे में स्थित संकट मोचन धर्मशाला में आयोजित बैठक में उन्होंने आगे कहा कि परमहंस धाम तरया लच्छीराम में वर्ष 1999 से लगातार स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई...