चक्रधरपुर, नवम्बर 6 -- चक्रधरपुर, संवाददाता। चक्रधरपुर पोड़ाहाट स्टेडियम में चल रहे सात दिवसीय ओड़िया श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास पूज्य पंडित जीतू दास महाराज ने राजा परीक्षित की कथा के माध्यम से धर्म की वर्तमान स्थिति का वर्णन किया। कथा व्यास पूज्य महाराज ने बताया कि राजा परीक्षित को शिकार के दौरान एक विचित्र दृश्य दिखा। एक गाय जो पृथ्वी का प्रतीक है, उसके पीछे एक लंगड़ाता हुआ बैल चल रहा था। यह बैल धर्म का प्रतीक था। बैल की तीन टांगें टूटी हुई थीं और वह मात्र एक टांग पर चल रहा था। पूज्य पंडित जीतू दाश ने कहा कि कलयुग में धर्म की तीन टांगें टूट गई हैं। फिर भी धर्म एक टांग पर खड़ा है। यह श्रीमद्भागवत कथा के श्रोताओं, आयोजकों और धर्म का पालन करने वालों की वजह से संभव हुआ है। उन्होंने सनातन धर्म को विश्व का सबसे प्राचीन धर्म बताया। यह...
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