गाज़ियाबाद, अगस्त 12 -- गाजियाबाद। पिछले एक साल में 155 लोगों ने अंगदान के लिए संकल्प पत्र भरा है। लेकिन सरकारी स्तर पर डोनर बैंक की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते जिले के लोगों को अपने परिजनों के अंगदान के लिए दिल्ली जाना पड़ रहा है। जिले में मरीजों के आंकड़े बताते है कि अंगदान की सबसे ज्यादा जरूरत नेत्र और किडनी के रोगियों को है। विश्व अंगदान दिवस हर साल 13 अगस्त को मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को अंगदान के महत्व को समझाना और लोगों को अंग दान के बारे में शिक्षित करना है। इस कार्य में सबसे ज्यादा बढ़-चढ़कर काम करने वाली संस्था दधीचि देहदान समिति है। सरकारी स्तर पर अंगदान की कोई व्यवस्था नहीं हैं। जिले में ना ही कोई डोनर बैंक है। जिसमें आम आदमी अपनी स्वैच्छा से अंगदान करने के लिए कागजात जमा कर सके। दधीचि देहदान समिति के मंडल समन्वयक वी...