रामपुर, मई 1 -- ड्राइविंग टेस्ट के लिए स्वचालित ड्राइविंग ट्रैक बनने के बाद भी बिना टेस्ट के ही डीएल बनाए जा रहे है। सात दिन पहले अनुमति मिलने के बाद भी विश्वस्तरीय ट्रैक पर एक भी व्यक्ति का टेस्ट नहीं हुआ है। जबकि, रामपुर संभगाीय परिवहन विभाग से प्रतिदिन बनने वाले डीएल की संख्या औसतन पच्चीस से तीस है। संभागीय परिवहन विभाग कार्यालय परिसर में लाइसेंस बनवाने वाले चालकों का अभी मैनुअल ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट होता है। वहीं, कई अप्रशिक्षित लोगों के भी लाइसेंस बन जाते हैं। ये कई बार दुर्घटना का कारण बनते हैं। इस खामी को दूर करने के लिए कुछ माह पहले परिवहन मुख्यालय ने जिले में स्वचालित ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर बनवाने का निर्देश दिया था। ट्रैक बनाने से लेकर उसके संचालन की जिम्मेदारी निजी कंपनी को सौंपी गई। निजी कंपनी द्वारा शहजादनगर में...
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