पटना, मार्च 2 -- भाकपा माले ने गांधी मैदान में रविवार को बदलो बिहार महाजुटान के बहाने अपनी ताकत दिखाई। 200 से अधिक सामाजिक, राजनीतिक संगठनों को एकजुट किया। उनके मुद्दे उठाकर बिहार में बदलाव का संकल्प दिलाया। महाजुटान के खुले मंच से 44 वक्ताओं ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक मुद्दे उठाए। माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में गरीब, किसान, मजदूर, दलित, आदिवासी, महिलाएं, मुस्लिम, फुटपाथी दुकानदार जैसे कमजोर समुदायों की पीड़ा दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अब समय आ गया है कि इस पीड़ा को एक ताकत में बदल दिया जाए। जो लोग अलग-अलग मुद्दों पर संघर्ष करते रहे हैं, उन्हें एक मंच पर लाने का अवसर मिला है। चुनाव आया है, तो जातिगत रैलियां हो रही हैं। जाति के आधार पर एक ही अधिकार मिला हुआ था- आरक्षण का। वह आरक्षण का अधिकार खतरे में है। संविधान खतरे में...
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