नई दिल्ली, जनवरी 21 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि अतिरिक्त सुनवाई अदालतों की स्थापना से न्यायिक व्यवस्था 'मजबूत' होगी। ऐसे में आरोपियों को आपराधिक मामलों में त्वरित सुनवाई या जमानत जैसी राहत पाने के लिए शीर्ष अदालत आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने बुधवार को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से राष्ट्रीय राजधानी में विशेष अदालत की स्थापना को लेकर हुई प्रगति के बारे में पूछा। सीजेआई ने कहा कि मुख्य सवाल यह है कि एक ऐसा मजबूत तंत्र कैसे बनाया जाए जिससे उनमें से किसी को भी अदालतों में आने की जरूरत न पड़े और ऐसा तभी संभव होगा जब अतिरिक्त अदालतें स्थापित की जाएंगी। पीठ ने विधि अधिकारी से कहा कि वह यहां विशेष अदालत की स्थापना के संबंध...