सिद्धार्थ, फरवरी 14 -- सोहना, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र में इन दिनों आम के पेड़ों और बागानों में बौर निकल आए हैं। इस महत्वपूर्ण अवस्था में वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाने से बेहतर फल उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बौर की विशेष सुरक्षा और समय पर उपचार की सलाह दी है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने बताया कि बौर आने के समय आम के बागों में सिंचाई नहीं करनी चाहिए। इस दौरान पानी देने से बौर झड़ने की आशंका बढ़ जाती है और फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि बौर को मधुवा कीट, दहिया कीट, पाउडरी मिल्ड्यू और एन्थ्रेकनोज जैसे कीट एवं रोगों से बचाना जरूरी है। इसके लिए पहला छिड़काव बौर निकलते ही और फूल खिलने से पहले करना चाहिए। इमिडाक्लोप्रिड एक मिली और हेक्साकोनाजोल दो...
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