हरिद्वार, फरवरी 21 -- देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज एवं इंडिया एआई मिशन (भारत सरकार) के संयुक्त तत्वावधान में देसंविवि के मृत्युंजय सभागार में एआई फॉर संस्कृति विषय पर अंतर्राष्ट्रीय समिट का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न पत्रिकाओं का विमोचन भी किया गया। समिट अध्यक्ष देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति, साउथ एशियन इंस्टीट्यूट फॉर पीस एंड रिकॉन्सिलिएशन (एसएआईपीआर) के अध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति का संगम भविष्य की सुरक्षा का मार्ग है। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि ऋषियों और पूर्वजों द्वारा संरक्षित संस्कृति को एआई के माध्यम से वैश्विक स्तर पर सुरक्षित और प्रसारित करना आज का युग धर्म है। एआई तकनीकी विश्वास, सत्य और पारदर्शिता के नैतिक स्तंभों पर आधारित होनी चाहिए। विवेक और नैतिकता के बिना एआई विन...