जयपुर, मई 26 -- राजस्थान में हर वर्ष की तरह इस बार भी निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत होने वाली प्रवेश प्रक्रिया विवादों में आ गई है। निजी स्कूल और शिक्षा विभाग के बीच फीस पुनर्भरण को लेकर उत्पन्न गतिरोध का खामियाजा इस बार भी अभिभावकों और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद निजी स्कूलों ने पहली कक्षा में आरटीई के तहत प्रवेश देना बंद कर दिया है, जिससे लगभग डेढ़ लाख बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। दरअसल, हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने एक मामले में स्पष्ट किया कि आरटीई के तहत प्रवेश 'एंट्री लेवल क्लास' में ही दिए जाएं। निजी स्कूलों का कहना है कि उनकी एंट्री लेवल क्लास 'नर्सरी' है, इसलिए वे नर्सरी में ही आरटीई के तहत प्रवेश दे रहे हैं। इसके उलट शिक्षा विभाग का कहना है कि कोर्ट के आदे...