हजारीबाग, जून 25 -- हजारीबाग शिक्षा प्रतिनिधि विभावि के स्वामी विवेकानंद सभागार में मंगलवार को कुलपति प्रोफेसर चंद्र भूषण शर्मा की अध्यक्षता में भारतीय ज्ञान परंपरा आयोजित की गई। इस दो दिवसीय व्याख्यान माला के पहले दिन मुख्य वक्ता जेएनयू, नई दिल्ली के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के एसोसिएट डीन प्रो हीरामन तिवारी ने उक्त विषय पर व्याख्यान दिया। जिसमें प्रो तिवारी ने भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मध्य युग में रचित कृष्ण कर्णामृतम की चर्चा करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा में कथा के महत्व को समझाया । बताया कि कैसे रामायण और महाभारत की कथाएं हर घर के बच्चों को सुनाने की परंपरा देश में आज भी प्रचलित है। बताया कि सूत्र, कथा और समीक्षा भारतीय ज्ञान परंपरा का आधार है। आठवीं सदी के दार्शनिक एवं अद्वैत वेदांत के प्रतिपादक आदि श...