नई दिल्ली, दिसम्बर 17 -- कांग्रेस ने नाभिकीय ऊर्जा का संधारणीय दोहन और अभिवर्द्धन (शांति) विधेयक, 2025 का विरोध किया है। पार्टी सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान इस विधेयक को विस्तृत विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजने की मांग की। कांग्रेस के साथ सपा, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके ने भी विधेयक का विरोध किया। लोकसभा में परमाणु ऊर्जा संबंधी विधेयक पर बहस की शुरुआत करते हुए मनीष तिवारी ने भारत के परमाणु कार्यक्रम की सिलसिलेवार यात्रा का उल्लेख करते हुए करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि 2008 में जब परमाणु रंगभेद की नीति को खत्म करने का प्रयास जा रहा था तो भाजपा ने तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाकर, भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को पटरी से उतारने का प्रयास किया था। कहा कि वर्त...
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