नई दिल्ली, जनवरी 1 -- तमिलनाडु में मंदिर में दीप जलाने के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार और केंद्र में विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आए जस्टिस जी. आर. स्वामीनाथन ने एक और अहम फैसला सुनाया है। मद्रास हाई कोर्ट में जस्टिस स्वामीनाथन ने 1755 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़े नथम कनवाई युद्ध की याद में स्मारक स्तूप बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। यह फैसला 18वीं सदी में गुलामी के दौर में भारतीयों के प्रतिरोध की एक प्रेरक इतिहास को उदाहरण बनाता है। जस्टिस जी. आर. स्वामीनाथन की तरफ से यह फैसला नथम के तहसीलदार द्वारा इस स्मारक को अनुमति न दिए जाने के बाद आया है। तहसीलदार द्वारा अनुमति न मिलने के बाद एक याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में रिट दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वामीनाथन ने इस बात पर चिंता जताई कि आज की पीढ़ी को भारत के औपनिवेशिक शासन का इत...
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