नई दिल्ली, नवम्बर 27 -- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि निर्वाचन आयोग चुनाव कराने की आड़ में संसद और विधानसभाओं के वैधानिक कामकाज अपने हाथ में नहीं ले सकती है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में निर्वाचन आयोग के फैसले का विरोध करने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दलीलें पेश कीं। पीठ ने निर्वाचन आयोग की शक्तियों की विस्तृत पड़ताल की, क्योंकि सिंघवी और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि आयोग अपनी संवैधानिक सीमाएं पार कर रहा है और एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों पर अनुचित प्रक्रियात्मक बोझ डाल रहा...