लखनऊ, फरवरी 20 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। अनुदानित सूची में शामिल एडेड महाविद्यालयों, संस्कृत-अरबी विद्यालयों-मदरसों से बिजली के बिल व्यवसायिक दरों पर वसूले जाने के आरोपों से सरकार ने इनकार किया है। विधान परिषद में काम रोको प्रस्ताव के तहत आरोप लगाया था कि एडेड व अनुदानित सूची में शामिल ऐसे शिक्षण संस्थानों से बिजली बिल के नाम बिजली विभाग व्यवसायिक दर पर धन उगाही कर रहा है जबकि अनुदानित सूची में होने के कारण ऐसे शिक्षण संस्थानों को नि:शुल्क विद्युत आपूर्ति की जानी चाहिए। जवाब में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि विद्युत आपूर्ति सेवा की श्रेणी में आता है और उस सेवा का शुल्क ही बिजली बिल है। इसी शुल्क से बिजली घरों व बिजली की आपूर्ति से जुड़े साजो-सामान एवं इसके लिए काम करने वाले कर्मियों को वेतन आदि का भुगतान किया जाता है। लिहाजा इसे धन उग...