खगडि़या, नवम्बर 13 -- खगड़िया । रवि शंकर इस बार तीसरी बार विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं ने नोटा बटन का इस्तेमाल किया। यानि वर्ष 2015 में निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के अतिरिक्त एक अन्य उम्मीदवार यानि नोटा का विकल्प उपलब्ध करावाया था। जिससे अगर किसी भ्ीा वोटर को यह प्रतीत हो कि उसके अनुरूप कोई भी उम्मीदवार नहीं है तो वे नोटा का प्रयोग कर सकते हैं। नोटा के पक्ष में अपना वोटिंग कर सकते हैं। हालांकि इस वर्ष चारों विधानसभा में हुए वोटिंग में नोटा को कितने मत मिले यह तो 14 नवंबर को ही पता चल पाएगा कि लेकिन अब तक वर्ष 2015 व 2020 के विधानसभा चुनाव में देखा गया है कि वोटरों ने नोटा का भी बटन जमकर दबाया। वर्ष 2015 की तुलना में 2020 में नोटा में कम मत पड़े थे। इसके बावजूद भी चारों विधानसभा में कई ऐसे उम्मीदवार थे जो नोटा से भी पिछड़ गए थे। वर्ष 2...