लखनऊ, जनवरी 4 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। विद्युत संशोधन बिल लोकसभा के बजट सत्र में रखे जाने का दावा करते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इसके पास होने पर वितरण व्यवस्था पूरी तरह तबाह होने का दावा किया है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि दिसंबर 2021 में केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा को लिखित आश्वासन दिया था कि सभी हितधारकों और किसानों की सहमति के बिना संशोधन बिल सदन में नहीं रखा जाएगा। अब अगर इसे बजट सत्र में रखा जाएगा तो यह समझौते का उल्लंघन होगा। उन्होंने कहा कि संगठन संशोधन बिल और निजीकरण के खिलाफ आंदोलन और तेज करेगा।

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