संभल, दिसम्बर 8 -- भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुशील चौधरी को प्रशासन ने रविवार देर रात नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई विद्युत निजीकरण के विरोध में सोमवार को प्रस्तावित ज्ञापन कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले की गई। देर रात पुलिस टीम मेहराना स्थित उनके आवास पर पहुँची और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। जिलाध्यक्ष सुशील चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी के निर्देश पर सोमवार दोपहर 1 बजे मुरादाबाद में मुख्यमंत्री को विद्युत निजीकरण के विरोध में ज्ञापन सौंपा जाना था। जिले के पदाधिकारी और किसान उनके आवास से एक साथ निकलने की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही उन्हें घर से बाहर कदम रखने से रोक दिया गया। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास बताया और कहा कि वे अपने अधिकारों की ...