देहरादून, अक्टूबर 5 -- नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत स्थापित विद्या समीक्षा केन्द्र प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का सशक्त माध्यम बने हैं। इस पहल से विभाग में डेटा आधारित नीतिगत निर्णय लिये जा रहे हैं। इससे शिक्षण गुणवत्ता, उपस्थिति और संसाधनों के प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य के 16052 स्कूलों को विद्या समीक्षा केंद्रों से जोड़ा जा चुका है। 46 हजार से अधिक शिक्षक को इसके लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, प्रखर और प्रभावी बनाने में विद्या समीक्षा केन्द्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्कूल से महानिदेशालय स्तर तक वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं। इससे शिक्षण गुणवत्ता से लेकर उपस्थिति और भौतिक संसाधनों के प्रबंधन में उल...