बिहारशरीफ, अप्रैल 12 -- गौरव से गर्दिश तक 17 : मौर्याचक सुपासंग हाई स्कूल : विद्यालय के विद्यार्थी कई विभागों में बड़े पदों पर हुए तैनात फिर भी इंटर के विज्ञान संकाय में शिक्षक नहीं ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से 1951 में शुरू कराया था 10 खपरैल कमरों में विद्यालय हॉस्टल में रहकर विद्यार्थी शिक्षकों की देख-रेख में करते थे पढ़ाई, पेयजल का एकमात्र साधन था कुआं विद्यालय में पढ़ाई कर कई विद्यार्थियों ने देश-दुनिया में बनायी अपनी पहचान फोटो : सुपासंग हाई स्कूल : रहुई प्रखंड का मौर्याचक सुपासंग हाई स्कूल का भवन। बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता। रहुई प्रखंड मुख्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है मौर्याचक-सुपासंग हाई स्कूल। ग्रामीणों ने वर्ष 1951 में आपसी सहयोग से विद्यालय का निर्माण कराया था। सरकार ने वर्ष 1953 में इस विद्यालय को मान्यता प्रदान...
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