पटना, दिसम्बर 12 -- सांसद डॉ. भीम सिंह ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि भारतीय चिकित्सा इतिहास, आयुर्वेदिक दर्शन, वैज्ञानिक दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों को आधार बनाकर एक नया स्वदेशी और वैज्ञानिक रूप से उपयुक्त चिकित्सा प्रतीक निर्धारित किया जाये। ताकि भारत की चिकित्सा व्यवस्था अपनी मौलिक और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त रूप से अभिव्यक्त कर सके। उन्होंने शुक्रवार को राज्यसभा में शून्यकाल में मामले को उठाते हुए कहा भारत जैसे समृद्ध चिकित्सा परंपरा वाले राष्ट्र में विदेशी प्रतीकों का प्रयोग न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से अनुचित है, बल्कि हमारी चिकित्सा विरासत और सांस्कृतिक स्वाभिमान के साथ भी न्याय नहीं करता। उन्होंने अपने अनुरोध पत्र में कहा है कि भारत में पहले चिकित्सा के प्रतीक के रूप में नीले रंग के प्लस चिह्न का उपयोग होता था, परंतु रेड क्रॉस...