विकासनगर, दिसम्बर 10 -- जितेंद्र पंवार साहिया। छत्रधारी चालदा महाराज के दसऊ से विदाई के दौरान आस्था का सैलाब उमड़ा। यहां आए श्रद्धालुओं के मन में कहीं चालदा महाराज से बिछुड़ने का गम तो कहीं मिलने की खुशी में आंखें नम रहीं। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर से आए श्रद्धालुओं के मन में छत्रधारी चालदा महाराज का सानिध्य मिलने की खुशी थी। खत पशगांव के श्रद्धालुओं के मन में देवता से बिछुड़ने का गम था। आखिर हो भी क्यों नहीं। ढाई साल की लंबी अवधि तक देवता ने खत पशगांव के दसऊ में प्रवास किया। स्थानीय बाशिंदों ने अपने सुख-दुख आराध्य देव के सामने साझा किए। हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर में देव दर्शन के लिए आते रहे। इससे गांव में चहल-पहल बनी रहती थी। लिहाजा बुधवार को जब खत पशगांव के बाशिंदे अपने आराध्य देव से बिछड़ रहे थे तो वे अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। खत...