नई दिल्ली, अगस्त 1 -- मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया कि कल्याणकारी योजनाओं को शुरू करने और संचालित करने के दौरान जारी विज्ञापनों में किसी भी जीवित व्यक्ति का नाम, किसी पूर्व मुख्यमंत्री/वैचारिक नेता की तस्वीर या पार्टी का प्रतीक चिह्न/प्रतीक/झंडा शामिल नहीं किया जाए। मुख्य न्यायाधीश एम. एम. श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति सुंदर मोहन की प्रथम पीठ ने 'ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम' (अन्नाद्रमुक) सांसद सी.वी. षणमुगम और अधिवक्ता इनियान द्वारा दायर याचिका पर गुरुवार को यह अंतरिम आदेश पारित किया। अपनी याचिका में षणमुगम ने राज्य सरकार को उनकी रिट याचिका के निपटारे तक किसी भी जीवित व्यक्ति के नाम पर कोई भी योजना शुरू करने/रीब्रांडिंग करने से रोकने की मांग की। अपने आदेश में पीठ ने स्पष्ट किया कि उसने सरकार की किसी भी कल्याणकारी...
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