नई दिल्ली, दिसम्बर 3 -- सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस द्वारा 85 तारीखों में से 55 पर विचाराधीन कैदी को अदालत में पेश न करने के रवैये की निंदा की। अदालत ने राज्य के जेल महानिदेशक को इस मामले की जांच का आदेश दिया और उनसे रिपोर्ट पेश करने को कहा है। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी शशि उर्फ शाही चिकना विवेकानंद जुरमानी को जमानत दे दी, लेकिन इस तथ्य को गंभीरता से लिया कि मामले में मुकदमा चलने के बावजूद, उसे अदालत द्वारा दी गई 85 तारीखों में से 55 पर अदालत में पेश नहीं किया गया। पीठ ने जमानत याचिका खारिज करने संबंधी बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील का निपटारा करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को संबंधित अदालत द्वारा लगाए जाने वाली शर्तों के अधीन जमानत पर र...