नई दिल्ली, जुलाई 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि रातोंरात जंगल साफ करने के लिए बुलडोजर चलाना सतत विकास के रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता। शीर्ष तेलंगाना के कांचा गच्चीबावली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों के काटे जाने पर स्वत: संज्ञान लेकर हो रही सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई, न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान सतत विकास की जरूरत पर जोर दिया। पीठ ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्यों को पाने के लिए जंगलों को साफ करने के लिए बुलडोजर के इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि मैं खुद सतत विकास का समर्थक हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप रातों रात 30 बुलडोजर लगाकर सारा जंगल साफ कर दें। इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त किए गए वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश...
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