उन्नाव, फरवरी 18 -- उन्नाव। विकास कार्यों में घालमेल के आरोपों की जांच के लिए गठित टीम छह दिन बाद भी निरीक्षण के लिए नहीं पहुंची। टीम को 15 दिनों के अंदर जिला पंचायत की ओर से अमृत सरोवर व हाईमॉस्क लाइट में बरती गई वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांचकर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। ऐसे में जांच के बाद रिपोर्ट सौंपने के लिए महज नौ दिनों का समय रह गया है। जिला पंचायत की ओर से दिसारा, हरईपुर, बिधनू और पोखारी ग्राम पंचायत में 2.89 करोड़ की लागत से चार अमृत सरोवर का निर्माण शुरू 2024 में कराया था। इसके अलावा विभिन्न ग्राम पंचायतों में 2.3 करोड़ रुपये की लागत से 125 हाईमास्क लाइटें लगाई गई थी। वर्ष 2024 में जिला पंचायत ने सरोवर को पंचायतीराज विभाग को हैंडओवर कर दिया था। विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए गए और पूरे मामले की जांच के लिए शिकायत क...