गोपालगंज, दिसम्बर 1 -- कुचायकोट। एक संवाददाता विकास की तेज रफ्तार के बीच जिले में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कंक्रीट से लेकर सड़कों और पुलों का बड़े पैमाने पर निर्माण हो रहा है, लेकिन इसी विकास की दौड़ में लोग धूल और जहरीले धुएं की चपेट में आते जा रहे हैं। सड़क निर्माण स्थलों के पास इतनी धूल उड़ रही है कि कई बार आगे का रास्ता तक नजर नहीं आता। वहीं जाम की स्थिति में वाहनों से निकलने वाला घना धुआं लोगों के लिए मुश्किलें और अधिक बढ़ा देता है। धूल और धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, नाक जाम और फेफड़ों की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, वाहनों से निकलने वाला कार्बन मोनोऑक्साइड वायुमंडल में मिलकर सीधे फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है। एनएच-27 पर...