रांची, फरवरी 7 -- रांची, विशेष संवाददाता। जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस) में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन शनिवार को हुआ। सम्मेलन का मुख्य विषय 'टिकाऊ भविष्य के लिए गवर्नेंस की नई कल्पना: एआई के युग में प्रॉफिट, पर्पस और पीपल के बीच संतुलन' था। अंतिम दिन का सत्र विकास की परिवर्तनकारी क्षमता, सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक परिवर्तन में विश्वास व गरिमा के महत्व पर केंद्रित रहा। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि सार्थक विकास केवल नीतियों या तकनीकी हस्तक्षेप से नहीं, बल्कि समुदायों को सशक्त बनाने से संभव है। समापन सत्र को संबोधित करते हुए एक्सआईएसएस के निदेशक डॉ. जोसफ मारियानुस कुजूर ने कहा, हो सकता है कि हम एक बार में पूरी दुनिया को न बदल सकें, लेकिन हम निश्चित रूप से अपने आसपास के लोगों की दुनिया बदल सकते...