लखनऊ, जनवरी 20 -- उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ ने केजीएमयू के समूह घ के संविदाकर्मियों में कथित रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को नौकरी दिए जाने का विरोध किया है। केजीएमयू प्रशासन ने वाल्मीकि समाज के महत्वपूर्ण प्रतिनिधियों की पूरी बात सुनी। इस संबंध में कहा कि वह वाल्मीकी समाज के प्रमुख लोगों के साथ फिर 23 जनवरी को बैठक करेंगे। भविष्य में इन नौकरियों में वाल्मीकि समाज को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके, इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे। वाल्मीकि समाज के राहुल वाल्मीकि और अमन वाल्मीकि ने कहा कि केजीएमयू प्रशासन से हमारे संगठन की स्पष्ट मांग है कि इन नौकरियों में स्थानीय वाल्मीकि समाज के लोग किस प्रकार से प्राथमिकता प्राप्त कर सकते हैं, उसके बारे में स्थायी व्यवस्था बने। इस संबंध में केजीएमयू प्रशासन कोई ऐसी सतत व्यवस्था बनाए, जहां वाल्मीकी समाज क...