समस्तीपुर, फरवरी 20 -- नगर परिषद के समय के तीन वार्डों को मिलाकर वार्ड 33 बनाकर नगर निगम में शामिल तो कर दिया गया, लेकिन इन वार्डों के लोगों की समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो सका है। पहले से ही इस वार्ड की आबादी तीन गुना हो चुकी है। नालियों की संख्या भी बढ़ गई है और पानी के बहाव का दबाव काफी अधिक हो गया है। लोगों की सबसे बड़ी समस्या नालों के पानी की निकासी है। इसके अलावा टूटी हुई स्लैब, खुले नाले और अधूरे नालों की स्थिति भी गंभीर है। पानी निकासी की समस्या वार्डवासियों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। स्थायी समाधान नहीं होने से लोग चिंतित हैं। नगर निगम लंबे समय से इस गंभीर समस्या को टालता आ रहा है, जिसका खामियाजा वार्ड के लोग हर बरसात में भुगतते हैं। कामचलाऊ व्यवस्था से लोग निगम प्रशासन से नाराज हैं। बीएड कॉलेज के खाली मैदान में बहाया जा रहा प...
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