बरेली, दिसम्बर 23 -- बरेली। वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे, उससे होने वाली बीमारियों पर नियंत्राण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल की है। अब आशा कार्यकत्रियों को रूरल ब्रांड एंबेसडर के रूप में तैयार किया जाएगा, जो गांवों में लोगों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगी और इससे बचाव के उपाय बताएंगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ने से न सिर्फ लोगों का स्वास्थ्य सुधरेगा, बल्कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में भी सुधार होगा। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाना, गोबर और लकड़ी के उपलों पर खाना पकाना, कचरा जलाना और धूल-धुएं के प्रति लापरवाही वायु प्रदूषण के बड़े कारण हैं। इन्हीं मुद्दों पर आशा कार्यकत्रियां अब सीधे ग्रामीण परिवारों से संवाद करेंगी। किशोर स्वास्थ्य बैठकों में आशा...