नई दिल्ली, फरवरी 12 -- केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले साल 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा में भीड़ को उकसाने वाले मुख्य शख्स थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद आंदोलन और हिंसा नियंत्रण में आ गई। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ को केंद्र की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने बताया कि वह हिंसा को मुख्य रूप से उकसाने वाले शख्स थे। इस हिंसा में चार लोग मारे गए थे और 60 लोग घायल हुए थे। हिरासत आदेश में स्पष्ट संबंध दिखता है, इसमें स्पष्ट रूप से सोची-समझी रणनीति का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के बाद आंदोलन और हिंसा नियंत्रण में आ गई। इसलिए यह साबित हो गया कि गिरफ्तारी का आदेश एक सटीक आदेश था जो उस स्थिति में उचित था। विधि अधिकारी न...