कानपुर, नवम्बर 25 -- वलियों ने हमें दुनिया में बंदगी,सुन्नत,मोहब्बत व इंसानियत का पैगाम दिया। उसी पैगाम के हिसाब से आज हम आप सभी जिंदगी बशर कर रहे हैं। इसलिए ही वलियों का आज भी उर्स मनाया जाता है। हलाल रिज्क कमाएं और अपने बच्चों को हलाल रिज्क ही खिलाएं। नमाज हुजूर की आंखों की ठंडक है तो जिंदगी में सबसे पहले नमाज कायम करें। यह बात हजरत शोएबुल अलीम किबला बकाई ने हजरत गुलपीर शाह उर्स के दौरान कही। कस्बे में स्थित हजरत गुलपीर शाह के आस्ताने पर 57 वां सालाना उर्स का समापन हुआ। उर्स के अंतिम दिन पहंुचे मशहूर कव्वालों ने एक से बढ़कर एक उम्दा कलाम पढ़े। मझिला कन्नौज के कव्वाल मुबीन नियाजी ने महफिले शमां का आगाज किया। वहीं इसके बाद 3 हाफिज ए कुरआन की दस्तारबंदी हुई। शरीफ नाजा एंड कव्वाल पार्टी ने भर दो झोली या मोहम्मद लौटकर मै न जाऊंगा खाली कव्वाली ...