बदायूं, दिसम्बर 13 -- बदायूं, संवाददाता। जनपद का अधिकांश क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र से है। यहां शैक्षिक दर भी बहुत कम है इसलिए जागरूकता का अभाव आज भी है। इसीलिए सरकारी आंकड़ों से लेकर धरातल तक नार्मल डिलीवरी घरों पर ज्यादा हो जाती हैं और संस्थागत डिलीवरी कम हो रही हैं। अस्पताल में न जाकर आज भी दाई के हवाल घरों पर डिलीवरी हो रही हैं। सुरक्षित डिलीवरी के साथ दाई के सहारे आज भी तमाम प्रसूताओं और नवजात की जान चली जाती है। जन्मदर सुधारने एवं मृत्यु दर को कम करने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है। जिसके बाद देहात के दो दर्जन से अधिक सेंटर पर नार्मल डिलीवरी की सुविधा शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव देहात में प्रसूताओं के लिए डिलीवरी की सुविधा और बेहतर की गई हैं। अब गांव से पांच से सात और दस किलो मीटर के दायरे में कोई न कोई न्यू पीएचसी म...