गंगापार, दिसम्बर 5 -- मंसूराबाद-आनापुर मार्ग पिछले कई वर्षों से निर्माण और मरम्मत की बाट जोह रहा है। ग्रामवासियों से लेकर स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और कामगारों तक हर वर्ग की आवाज इस जर्जर सड़क में दबकर रह गई है। प्रतिदिन 5000 से अधिक लोगों का आवागमन इस मार्ग पर होता है, लेकिन टूटी पटरी, गहरे गड्ढे और उखड़े किनारे इसे दुर्घटनाओं का अड्डा बना चुके हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सड़क इतनी खराब है कि बरसात या धूल किसी भी मौसम में इस पर चलना मानो खुद को खतरे में डालने जैसा है। स्थानीय लोग बार-बार शिकायतें दर्ज करा चुके हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग के अफसरों की घोर लापरवाही, फाइलों में दबे प्रस्ताव, और निरीक्षण के नाम पर सिर्फ औपचारिकता ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। लोगों का आरोप है कि विभाग के अधिकारी मानो गहरी नींद में स...