कानपुर, जुलाई 2 -- कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) की ओर से निकरा परियोजना के तहत किसानों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने कहा कि केंचुए की खाद, जिसे वर्मीकम्पोस्ट भी कहा जाता है, एक उत्कृष्ट जैव उर्वरक है। यह खाद पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होती है और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करती है। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व की प्रचुर मात्रा होती है। केंद्र के प्रभारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने वर्मीकम्पोस्ट बनाने की विधि भी बताई। कार्यक्रम में 8 अनुसूचित जाति के किसानों को पीवीसी निर्मित वर्मी बेड दिया गया। साथ ही, खरीफ गृहवाटिका के बीज भी दिए गए।
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